अमरूद का पौधा: कितने दिन में शुरू होती है फलने की प्रक्रिया?

 हाय, मैं मुकेश हूँ, और आज हम बात करेंगे अमरूद के पौधे के बारे में, जो न सिर्फ स्वादिष्ट फल देता है, बल्कि भारतीय घरों और बगीचों का पसंदीदा हिस्सा भी है। अगर आप सोच रहे हैं कि अमरूद का पौधा लगाने के बाद कितने दिन में फल मिलने शुरू होंगे, तो यह सवाल हर नए बागवान के मन में आता है। आइए, इसकी पूरी जानकारी लेते हैं—कब लगाएँ, कितना इंतजार करें, और इसे फल देने के लिए कैसे तैयार करें।



अमरूद का पौधा कितने दिन में फल देता है?

अमरूद का पौधा फल देने का समय कई बातों पर निर्भर करता है, जैसे इसकी किस्म, खेती का तरीका (बीज या कलम), और देखभाल। सामान्य तौर पर:



  1. बीज से उगाया पौधा:
    • अगर आप अमरूद को बीज से उगाते हैं, तो फल देने में 4-6 साल लग सकते हैं।
    • बीज से उगे पौधे धीरे-धीरे बढ़ते हैं और उनकी फलने की गारंटी भी कम होती है।


  1. कलम या ग्राफ्टिंग से पौधा:
    • कलम (कटिंग) या ग्राफ्टिंग से तैयार पौधा 2-3 साल में फल देना शुरू कर देता है।
    • यह तरीका ज्यादा लोकप्रिय है, क्योंकि यह जल्दी और निश्चित परिणाम देता है।


  1. संकर किस्में:
    • इलाहाबादी सफेदा, लखनऊ-49 (सरदार), या थाई अमरूद जैसी संकर किस्में 1.5-2 साल में ही फल दे सकती हैं, बशर्ते देखभाल अच्छी हो।


फलने की प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले कारक




  • किस्म: छोटे फल वाली किस्में जल्दी फल देती हैं, जबकि बड़े फल वाली किस्मों में समय लगता है।
  • मिट्टी: दोमट मिट्टी (pH 5.5-7.5) और अच्छी जल निकासी फलने को तेज करती है।
  • जलवायु: 20-30°C तापमान और गर्म-आर्द्र मौसम इसके लिए आदर्श है।
  • देखभाल: नियमित पानी, खाद, और छँटाई से फल जल्दी आते हैं।


अमरूद का पौधा लगाने से फल तक की प्रक्रिया

  1. पौधा तैयार करना:
    • नर्सरी से 1-2 साल पुराना कलम वाला पौधा लें।
    • बरसात (जून-जुलाई) में रोपाई सबसे अच्छी होती है।



  1. रोपण:
    • 5x5 मीटर की दूरी पर गड्ढे (2x2 फीट) तैयार करें।
    • गोबर की खाद और मिट्टी का मिश्रण डालकर पौधा लगाएँ।
  2. देखभाल:
    • पहले साल में हर 7-10 दिन में पानी दें।
    • 200 ग्राम नाइट्रोजन, 150 ग्राम फॉस्फोरस, और 150 ग्राम पोटाश प्रति पौधा सालाना डालें।
    • सूखी टहनियों की छँटाई करें।


हालांकि मैं यहाँ छँटाई (pruning) की सलाह दे रहा हूँ, लेकिन इसे सही समय पर करना जरूरी है। आमतौर पर छँटाई फरवरी-मार्च या सितंबर-अक्टूबर में की जाती है, जब पौधा फल देने की तैयारी में होता है। इससे नई शाखाएँ निकलती हैं और फल ज्यादा लगते हैं।

  1. फूल और फल:
    • रोपाई के 2-3 साल बाद फूल आने शुरू होते हैं।
    • फूलों से फल बनने में 3-4 महीने लगते हैं।

फलने का मौसम

  • भारत में अमरूद साल में दो बार फल देता है:
    • बहार (वसंत फसल): फरवरी-मार्च में फूल, जून-जुलाई में फल।
    • अमिया (बरसाती फसल): अगस्त-सितंबर में फूल, दिसंबर-जनवरी में फल।
  • संकर किस्में साल भर फल दे सकती हैं, अगर मौसम और पानी सही हो।

जल्दी फल पाने के टिप्स





  • नर्सरी से ग्राफ्टेड पौधा चुनें।
  • जैविक खाद (वर्मीकम्पोस्ट) और सूक्ष्म पोषक तत्व (जिंक, बोरॉन) का प्रयोग करें।
  • कीट (फल मक्खी) और रोग (विल्ट) से बचाव के लिए नीम तेल या फफूंदनाशक का छिड़काव करें।
  • पानी की कमी न होने दें, खासकर फूल आने के समय।

कितने फल मिलते हैं?

  • एक स्वस्थ पौधा 3-4 साल बाद 50-100 फल प्रति मौसम दे सकता है।
  • 8-10 साल पुराना पेड़ 200-300 फल तक देता है।

अंतिम विचार

अमरूद का पौधा लगाना धैर्य और मेहनत का खेल है, लेकिन सही तरीके से देखभाल करें तो यह 2-3 साल में ही आपको मीठे फल देने लगेगा। कलम या ग्राफ्टिंग से शुरू करें, अच्छी मिट्टी और खाद दें, और समय पर छँटाई करें—आपका इंतजार जल्द ही रंग लाएगा। तो अब देर न करें, अपने बगीचे में अमरूद का पौधा लगाएँ और इसके फल का आनंद लें। शुभ बागवानी!

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